
₹5 लाख तक की कैशलेस उपचार सुविधा, सांसद विजय कुमार दुबे ने किया कार्ड वितरण
लोकायुक्त न्यूज
कुशीनगर ।प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अशासकीय सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं को स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। इस योजना के तहत पात्र शिक्षकों एवं उनके परिवारों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आगरा से योजना के शुभारंभ एवं संबोधन के सजीव प्रसारण के साथ हुआ। इसके बाद जनपद स्तर पर स्वास्थ्य कार्ड वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।मुख्य अतिथि सांसद विजय कुमार दुबे ने लाभार्थी शिक्षक-शिक्षिकाओं को कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का प्रभावी माध्यम बनेगी और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक उनकी सहज पहुंच सुनिश्चित करेगी।राजकीय महाविद्यालय ढाढ़ा बुजुर्ग, हाटा के प्राचार्य एवं योजना के जनपदीय नोडल अधिकारी प्रो. (डॉ.) अभिषेक कुमार मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि यह योजना उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षक-

शिक्षिकाओं के लिए ऐतिहासिक पहल है। इसके माध्यम से पात्र शिक्षकों को आर्थिक चिंता से मुक्त होकर बेहतर चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी।उदित नारायण पीजी कॉलेज, पडरौना की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) ममता मणि त्रिपाठी ने योजना को शिक्षकों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ मानसिक संबल भी मिलेगा।कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर प्रदेश सरकार एवं उच्च शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया और योजना को जनहित में महत्वपूर्ण पहल बताया।इस अवसर पर विधायक मनीष जायसवाल, विधायक विनय प्रकाश गौड़, जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक पीयूष सिंह, प्रो. विनोद मोहन मिश्रा, डॉ. रणधीर कुमार, डॉ. अनिल कुमार दीक्षित, डॉ. बिंदेश्वर मिश्र, डॉ. विवेक पांडेय सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं अधिकारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन प्रो. (डॉ.) ममता मणि त्रिपाठी ने किया, जबकि अंत में डीजी शक्ति योजना के नोडल अधिकारी एवं सहायक आचार्य डॉ. दुर्गेश कुमार त्रिपाठी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
