HomeUncategorizedकुशीनगर में 174 स्कूली वाहन बिना फिटनेस, परिवहन विभाग ने कसा शिकंजा

कुशीनगर में 174 स्कूली वाहन बिना फिटनेस, परिवहन विभाग ने कसा शिकंजा

203 वाहनों की सूची पुलिस को भेजी गई थी, 11 अगस्त तक 29 वाहनों ने कराया फिटनेस; आज से मिशन सेफ फ्यूचर-2 के तहत विशेष अभियान

बैलिस्टर तिवारी | लोकायुक्त न्यूज

कुशीनगर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने बिना वैध फिटनेस और जरूरी दस्तावेजों के संचालित विद्यालयी वाहनों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। मिशन सेफ फ्यूचर-2 के तहत बुधवार से जिले में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। सड़क पर बिना वैध फिटनेस दौड़ते मिले स्कूली वाहनों के खिलाफ चालान, सीज सहित नियमानुसार कठोर प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।परिवहन विभाग के अनुसार जिले में पहले 203 विद्यालयी वाहनों की फिटनेस लंबित थी। 11 अगस्त तक 29 वाहन संचालकों ने अपने वाहनों की फिटनेस करा ली, जिसके बाद अब 174 वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस अभी भी लंबित है। विभाग ने इन वाहनों की सूची पुलिस को उपलब्ध करा दी है, ताकि संबंधित थाना क्षेत्रों में पुलिस के सहयोग से वाहनों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।कई महीने का दिया गया था समयसहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) कुशीनगर की ओर से 29 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र में विद्यालयी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस सहयोग मांगा गया था। पत्र में बताया गया कि जिले के विभिन्न विद्यालयों में बस, वैन सहित अन्य वाहनों से छात्र-छात्राओं का परिवहन किया जाता है।बच्चों की सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय प्रबंधनों को वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र सहित आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखने के निर्देश लगातार दिए जाते रहे हैं। विभाग के मुताबिक संबंधित वाहन संचालकों और विद्यालय प्रबंधनों को फिटनेस कराने के लिए पर्याप्त समय देने के साथ कई बार नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में वाहनों की फिटनेस लंबित रही।203 से घटकर 174 हुई संख्याएआरटीओ डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से पुलिस को 203 ऐसे विद्यालयी वाहनों की सूची उपलब्ध कराई गई थी, जिनकी फिटनेस लंबित थी। 11 अगस्त तक कुछ वाहन संचालकों ने फिटनेस प्रक्रिया पूरी करा ली। इसके बाद अब 174 वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस अभी बाकी है।उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल समय देकर कार्रवाई को टाला नहीं जाएगा। अभियान के दौरान यदि सूची में शामिल अथवा अन्य कोई विद्यालयी वाहन बिना वैध फिटनेस के सड़क पर संचालित मिलता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।मिशन सेफ फ्यूचर-2 के तहत होगी जांचमिशन सेफ फ्यूचर-2 के तहत परिवहन विभाग और पुलिस की टीमें विद्यालयी वाहनों की जांच करेंगी। जांच के दौरान वाहनों की फिटनेस के साथ परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी देखे जाएंगे। बिना वैध फिटनेस सड़क पर संचालित पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार चालान और आवश्यकतानुसार वाहन सीज करने की कार्रवाई की जा सकती है।परिवहन विभाग ने कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए लंबित फिटनेस वाले वाहनों की सूची पुलिस को उपलब्ध कराई है। इससे संबंधित थाना क्षेत्रों में ऐसे वाहनों की पहचान और जांच में मदद मिलेगी।सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की भूमिका अहम‌ परिवहन विभाग के पत्र में सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में विद्यालयी वाहनों की जांच के लिए स्थानीय पुलिस के सहयोग की आवश्यकता भी बताई गई है। विभागीय संसाधन सीमित होने के कारण ऐसे क्षेत्रों में पुलिस की सहायता से बिना वैध फिटनेस और परमिट संचालित वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी दिए गए थे निर्देश28 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी/अध्यक्ष, सड़क सुरक्षा समिति की अध्यक्षता में हुई बैठक में विद्यालयी वाहनों को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए थे। बैठक में फिटनेस और परमिट समाप्त हो चुके वाहनों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद परिवहन विभाग ने विद्यालयवार और थानावार लंबित वाहनों की सूची तैयार कर पुलिस अधीक्षक को उपलब्ध कराई।बच्चों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकतापरिवहन विभाग का कहना है कि विद्यालयी वाहनों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे सफर करते हैं। ऐसे में वाहनों की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है। फिटनेस प्रमाणपत्र वाहन की सड़क पर सुरक्षित संचालन योग्य स्थिति सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि विद्यालयी वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित कराना है, ताकि बच्चों का आवागमन सुरक्षित बनाया जा सके।अभिभावकों से भी सतर्क रहने की अपीलएआरटीओ डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को स्कूल भेजने वाले वाहन की फिटनेस और आवश्यक दस्तावेजों की वैधता के बारे में जानकारी रखें। यदि कोई विद्यालयी वाहन बिना फिटनेस अथवा असुरक्षित स्थिति में संचालित होता दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी जा सकती है।अब देखना यह होगा कि मिशन सेफ फ्यूचर-2 के तहत शुरू होने वाला यह अभियान जिले में लंबित 174 विद्यालयी वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित कराने में कितना प्रभावी साबित होता है।

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