
बैलिस्टर तिवारी/लोकायुक्त न्यूज़
कुशीनगर। जिला मुख्यालय स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में मरीज के परिजनों के साथ दुर्व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड हीरा सिंह और कुछ सुरक्षा कर्मियों ने व्हीलचेयर देने के नाम पर रुपए मांगे और परिजनों को विरोध करने पर उनके साथ धक्का-मुक्की व हाथापाई की गई।
पीड़ित उपेंद्र चौहान, निवासी कांटी (नगर पालिका परिषद पडरौना), अपनी मां रीता चौहान के साथ भाई का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। मामले की पूरी जानकारी वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है होमगार्ड और सुरक्षा कर्मी की गुंडागर्दी,परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद होमगार्ड व सुरक्षा कर्मियों ने व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के बदले रुपये की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनके साथ गुंडागर्दी व धक्का मुक्की और हाथापाई जबरन बाहर निकालने की कोशिश की गई।
घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है। उन्होंने संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की हरकतें बेहद शर्मनाक हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, इस पूरे प्रकरण पर अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मरीजों की सुविधा के लिए बनी व्यवस्था अब वसूली का जरिया बनती जा रही है? अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
