
लोकायुक्त न्यूज़
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने श्रद्धालुओं से दान के नाम पर रकम वसूलने के लिए ट्रस्ट की असली रसीदों जैसी दिखने वाली फर्जी रसीद पुस्तिकाओं का इस्तेमाल किया। इन रसीदों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का लोगो भी अंकित था, जिससे श्रद्धालु आसानी से धोखा खा जाते थे।
पुलिस ने अदालत से रिमांड मिलने के बाद अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान एक पुरानी फर्जी रसीद बुक भी बरामद हुई। आरोपियों ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा ऑनलाइन रसीद व्यवस्था लागू होने के बाद उन्होंने फर्जी रसीदों का उपयोग बंद कर दिया था।
जांच में पहले एक योग केंद्र से “रामराज्य कोष” नाम का दान पात्र भी बरामद किया गया था, जिस पर सक्रिय QR कोड लगा था। पुलिस को संदेह है कि चोरी की रकम का बंटवारा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के जौरा क्षेत्र में किया जाता था। इसी कड़ी में मिल्कीपुर और इनायतनगर में कई स्थानों पर छापेमारी कर सर्राफा व्यापारी समेत अन्य लोगों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली गई।
विशेष जांच दल (SIT) अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रारंभिक जांच में 40 दिनों के भीतर चढ़ावा चोरी की करीब 70 संदिग्ध घटनाएं सामने आई हैं। एसआईटी आरोपियों की भूमिका के साथ ही दान राशि की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों की भी गहन जांच कर रही है।
