
लोकायुक्त न्यूज़
नई दिल्ली। महाश्रमण भवन, अध्यात्म साधना केंद्र, महरौली में जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, दिल्ली और आचार्य श्री महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति के संयुक्त तत्वावधान में मुनिश्री जय कुमार जी ठाणा-3 के चातुर्मासिक मंगल प्रवेश समारोह का भव्य आयोजन हुआ। भक्तामर अनुष्ठान, मंगलाचरण, स्वागत गीत और संतों के प्रेरक प्रवचनों से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
समारोह का शुभारंभ भक्तामर अनुष्ठान से हुआ, जबकि दक्षिण दिल्ली तेरापंथ महिला मंडल ने मंगलाचरण और सांस्कृतिक टीम ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सभा के पदाधिकारियों ने मुनिश्री का अभिनंदन करते हुए चातुर्मास को आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक साधना का श्रेष्ठ अवसर बताया।
अपने प्रवचन में मुनिश्री जय कुमार जी ने कहा कि संयम, सेवा, संस्कार और आत्मकल्याण ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने धर्म को व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। वहीं मुदित मुनि ने कहा कि वास्तविक समृद्धि आत्मसंयम, सदाचार और आध्यात्मिक जागृति में निहित है तथा अहिंसा, करुणा और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
समारोह में वरिष्ठ पत्रकार मनोरंजना गुप्ता, कन्हैयालाल जैन पटावरी सहित अनेक गणमान्य अतिथि, तेरापंथ युवक परिषद, महिला मंडल और विभिन्न सभाओं के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप संचेती ने किया तथा संदीप डूंगरवाल ने आभार व्यक्त किया। श्रद्धा, गुरु-भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया।
