लोकायुक्त NEWS
कुशीनगर। जनपद के दुदही नगर पंचायत आजकल अपने कार्यों से ज्यादा अपने कारनामों को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। कुछ दिन पहले निजी स्कूल तक जाने वाले रास्ते को अवरुद्ध किए जाने और नेताजी सुभाष चंद्र बोस वार्ड की बदहाल स्थिति का मामला सामने आया था। इसी क्रम में अब नगर पंचायत क्षेत्र में रास्ताविहीन स्थान पर बने नवनिर्मित आंगनबाड़ी केन्द्र को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नगर पंचायत क्षेत्र में लाखों रुपये की लागत से बने इस आंगनबाड़ी केन्द्र का भवन बाहर से भले ही आकर्षक दिखाई देता है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है। यह केन्द्र कूड़े के ढेर, झाड़ियों और खंडहरनुमा माहौल के बीच स्थित है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि केन्द्र तक पहुंचने के लिए कोई समुचित रास्ता नहीं बनाया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब भवन तक जाने के लिए मार्ग ही उपलब्ध नहीं था, तो बिना संपर्क मार्ग बनवाए आखिर किस परिस्थिति में लाखों रुपये खर्च कर भवन निर्माण कराया गया। इसके अलावा केन्द्र परिसर में पेयजल के लिए लगाया गया नल भी खराब पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नया नल लगने के बावजूद उसका खराब हो जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए संचालित होने वाले इस केन्द्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय बना हुआ है। सूत्रों की मानें तो कथित रूप से कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जल्दबाजी में बिना समुचित व्यवस्थाओं के ही निर्माण कार्य करा दिया गया, जिसके कारण गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। ऐसे हालातों में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब आंगनबाड़ी केन्द्र तक पहुंचने के लिए समुचित रास्ता ही नहीं है, तो वहां छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं का आना-जाना कैसे संभव होगा। कूड़े के ढेर, झाड़ियों और ऊबड़-खाबड़ रास्ते के कारण केन्द्र तक पहुंचना जोखिम भरा साबित हो रहा है, जिससे योजना का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंच पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
उक्त सम्बन्ध में दुदही ईओ रवि पटेल ने बताया कि आज ही मैं तहसील गया था विवादित है इसलिए बन नहीं सका था। तहसील की टीम मंगलवार को आयेगी, अभी भवन हैंडओवर नहीं हुआ है वहां जो जो कमियां हैं उसे सब सही करा दिया जायेगा।



