
पूर्व CEO के खातों में 1.52 करोड़ की कथित रिश्वत का आरोप, टेंडर शर्तों में हेरफेर और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की जांच !
लोकायुक्त न्यूज़
दिल्ली, 18 अगस्त। दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) अपग्रेडेशन से जुड़े कथित टेंडर घोटाले में एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। ACB ने FIR संख्या 10/2024 में पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO एवं IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, M/s AN Enterprises के प्रोप्राइटर नागेंद्र यादव, M/s Euroteck Environment Pvt. Ltd. के मालिक राजा कुमार कुर्रा और M/s Srijanhar के प्रोप्राइटर पंकज वर्मा शामिल हैं।
ACB के मुताबिक, मामला STP अपग्रेडेशन के टेंडर में कथित अनियमितताओं और हेरफेर से जुड़ा है। जांच में आरोप है कि एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से टेंडर की शर्तें सख्त रखी गईं। पायलट स्टडी नहीं कराई गई और बाद में तकनीकी शर्तों में बदलाव किए गए।
जांच एजेंसी का दावा है कि AN Enterprises के जरिए पूर्व CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के खातों में करीब 1.52 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत पहुंची। इस रकम से संपत्ति खरीदने का आरोप भी जांच के दायरे में है। ACB ने टेंडर शर्तों और करिगेंडम को निजी कंपनियों व अधिकारियों के बीच साझा किए जाने के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिलने का दावा किया है। सभी आरोपियों से पूछताछ और मनी ट्रेल की जांच जारी है।
