
लोकायुक्त NEWS
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल के संचालक राजेश राय से केस मैनेज करने के नाम पर 18 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। ठगों ने खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय का OSD, PA और CMO बताकर कॉल किए और कार्रवाई रुकवाने का भरोसा दिलाया।
मामला तब शुरू हुआ जब मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई। 28 फरवरी 2026 की शाम सीएमओ ने अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया। इसी बीच एक कॉल आई—“मैं मुख्यमंत्री कार्यालय से बोल रहा हूं, मामला हाईलाइटेड है… गोरखपुर मठ में मीटिंग फिक्स कर दूंगा, बृजेश पाठक जी को भी सूचना दे दी है।” ठगों ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का नाम लेकर भरोसा मजबूत किया।
दूसरी क्लिप में ‘गोल्डी बाबा’ नामक व्यक्ति ने दावा किया—“15 लाख में सब मैनेज हो जाएगा।” 28 फरवरी दोपहर 12 बजे राजेश राय 15 लाख रुपये का झोला सीएमओ कार्यालय परिसर के हनुमान मंदिर पर ले गए। एक व्यक्ति ने झोला लेकर नोटों की फोटो व्हाट्सएप पर भेजने को कहा। उसी शाम लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
तीसरी कॉल में फर्जी PA ने कहा—“पैसा आ जाए, सब सेट।” बाद में पता चला कि कॉल उत्तर प्रदेश सरकार की डीपी लगे नंबर से की गई थी। राजेश राय का आरोप है कि 15 लाख मुख्य ठगों को और 3 लाख अन्य लोगों में बांटे गए।
अब सवाल उठ रहा है—ये फर्जी OSD–CMO गैंग कौन है? क्या अंदरूनी मिलीभगत है? पुलिस जांच में जुटी है।
