
22 जुलाई को डीएम ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को दिए थे तत्काल कार्रवाई के निर्देश, महीनों बाद भी ट्रांसफार्मर जस का तस
बैलिस्टर तिवारी | लोकायुक्त न्यूज
कुशीनगर। हाटा विकासखंड क्षेत्र के कछुईआ सोमाली गांव में एक परिवार के घर की दीवार से सटा विद्युत ट्रांसफार्मर अब गंभीर सुरक्षा चिंता का कारण बन गया है। परिवार का आरोप है कि ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराने के लिए कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन महीनों गुजर जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि 22 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने ट्विटर एक्स पर मामले का संज्ञान लेते हुए विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए थे, बावजूद इसके ट्रांसफार्मर आज भी अपनी जगह पर लगा हुआ है।
मामला साखोपार फीडर के रविंद्र नगर विद्युत उपकेंद्र से जुड़ा बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार ट्रांसफार्मर घर के आंगन की दीवार से बेहद करीब है। ऐसे में घर में रहने वाले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवार में लगातार भय बना रहता है। बरसात के मौसम में बिजली के उपकरणों में तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट अथवा करंट फैलने की स्थिति में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

शिकायतों पर जवाब मिला, कार्रवाई का इंतजार बरकरार
परिवार के मुताबिक ट्रांसफार्मर हटाने को लेकर विद्युत विभाग को कई बार फोन के माध्यम से शिकायत दी गई। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी कई बार समस्या से संबंधित जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई गई। आरोप है कि विभाग की ओर से शिकायतों पर जवाब देकर कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन मौके पर स्थिति बदलने वाली कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।परिवार के छोटे-छोटे बच्चों का जिलाधिकारी से ट्रांसफार्मर हटवाने की गुहार लगाते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। बच्चों की अपील के बाद मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंचा और जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम के निर्देश के बाद भी नहीं बदली स्थिति
22 जुलाई को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर द्वारा दिए गए निर्देश के बावजूद यदि ट्रांसफार्मर अब तक नहीं हटाया गया है तो यह विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल यह भी है कि जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश के बाद संबंधित विभाग ने मौके का निरीक्षण कर क्या कार्रवाई की और यदि ट्रांसफार्मर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता था तो परिवार की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई।ग्रामीणों का कहना है कि किसी संभावित दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन और विद्युत विभाग को पहले ही एहतियाती कदम उठाने चाहिए। उनका कहना है कि घर से सटे ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना जरूरी है, ताकि किसी अनहोनी की स्थिति पैदा न हो।
फिलहाल कछुईआ सोमाली गांव के इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जिलाधिकारी ने 22 जुलाई को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे, तो महीनों बाद भी ट्रांसफार्मर अपनी जगह से क्यों नहीं हटाया गया? अब देखना होगा कि विद्युत विभाग इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और परिवार को संभावित खतरे से कब राहत मिलती है।
