




लोकायुक्त न्यूज
कुशीनगर। जिले में शुक्रवार सुबह अचानक शुरू हुई तेज बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। सुबह करीब 6 बजे से ही आसमान में घने बादल छा गए, जिससे सुबह होते ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया और लोगों को दिन में ही रात जैसा अनुभव हुआ। जिले के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। इससे पहले बुधवार देर शाम आई तेज आंधी और बारिश ने जिले में भारी असर डाला था। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूट गए और तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। कई गांवों और शहरी क्षेत्रों में रातभर बिजली गुल रही, जिससे लोगों को अंधेरे में समय बिताना पड़ा। बिजली विभाग की टीमों द्वारा मरम्मत कार्य शुरू किया गया, लेकिन लगातार खराब मौसम और बारिश के कारण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर पोल बदलने और तारों को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, हालांकि पूरी तरह आपूर्ति बहाल होने में समय लग सकता है। कुछ इलाकों में अस्थायी रूप से आपूर्ति शुरू की गई है, लेकिन बारिश के चलते स्थिति फिर से बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने पहले ही कुशीनगर, देवरिया और गोरखपुर सहित पूर्वांचल के जिलों के लिए अलर्ट जारी किया था। विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों में मध्यम दर्जे की आंधी, तूफान और बारिश की प्रबल संभावना है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की भी आशंका जताई गई है। वर्तमान में जिले का तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा में नमी का स्तर 50 से 65 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो अब तेज बारिश में परिवर्तित हो गया है। हालांकि यह बारिश किसानों के लिए राहत भरी है। गन्ना की फसल को पानी मिलने के साथ ही मक्का की बुआई के लिए भी यह अनुकूल समय है। इस बारिश ने भीषण गर्मी के बीच ठंडक पैदा कर दी है, जिससे लोग घरों में दुबके हुए नजर आए और बाजारों में भी भीड़ कम रही। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम में अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है।
