


साजिद अंसारी/लोकायुक्त न्यूज
कुशीनगर में विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशेष पहचान रखने वाले कुशीनगर में 31 मार्च से 02 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय बौद्ध कॉन्क्लेव को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आ रहा है। तीन दिवसीय इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इसी क्रम में कुशीनगर स्थित पथिक निवास में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर एवं पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा साझा किया।जिलाधिकारी ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि कॉन्क्लेव के अंतर्गत विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बौद्ध धर्म, संस्कृति और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इसके साथ ही सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले अतिथियों को भारतीय परंपरा और बौद्ध संस्कृति की समृद्ध झलक देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधि, बौद्ध भिक्षु, विद्वान एवं पर्यटक शामिल होंगे।उन्होंने आगे बताया कि आगंतुकों के स्वागत, आवास, परिवहन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। कार्यक्रम स्थलों की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण एवं प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आयोजन भव्य व आकर्षक रूप में संपन्न हो।पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कॉन्क्लेव के दौरान बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ यातायात प्रबंधन के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। शहर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए डायवर्जन प्लान भी लागू किया जाएगा, जिससे कार्यक्रम के दौरान जाम जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।प्रेसवार्ता के उपरांत बौद्ध अनुयायियों द्वारा शांति एवं विश्व बंधुत्व का संदेश देते हुए मुख्य मंदिर परिसर से रामाभार स्तूप तक भव्य शांति रैली एवं कैंडिल पीस मार्च का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों एवं युवाओं ने भाग लिया। हाथों में मोमबत्तियां और शांति संदेश लिए प्रतिभागियों ने पूरे क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण का संचार किया।जिला प्रशासन को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय बौद्ध कॉन्क्लेव न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा, बल्कि इससे कुशीनगर की वैश्विक पहचान को और मजबूती मिलेगी तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
