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कुशीनगर की नेहा गोंड ने DUVASU परीक्षा में पाई प्रदेश में चौथी रैंक, जिले का बढ़ाया मान

लोकायुक्त न्यूज

कुशीनगर। मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल बनकर उभरीं जिले के ग्राम पिपरा जातमपुर माफी टोला कुबेरनाथ की होनहार छात्रा नेहा गोंड ने उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान (DUVASU), मथुरा की अंडर ग्रेजुएट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (UGEE-2026) में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। नेहा ने पूरे उत्तर प्रदेश में 421वीं ओवरऑल रैंक प्राप्त की है, जबकि अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग में प्रदेश स्तर पर चौथा स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली नेहा गोंड पिछले तीन वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG की तैयारी कर रही थीं। वह लखनऊ में रहकर ‘मोशन’ कोचिंग संस्थान से पढ़ाई कर रही थीं। लगातार मेहनत और संघर्ष के बाद इस वर्ष NEET परीक्षा में उनके 600 से अधिक अंक आने की उम्मीद थी। परिवार और गांव के लोग भी उनकी सफलता को लेकर उत्साहित थे, लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर ने नेहा को गहरे सदमे में डाल दिया। तीन वर्षों की कठिन तपस्या पर अचानक विराम लगने से वह काफी निराश हो गई थीं। हालांकि कठिन परिस्थितियों के बावजूद नेहा ने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ती रहीं। उन्होंने हिम्मत जुटाकर DUVASU मथुरा द्वारा आयोजित UGEE-2026 परीक्षा में भाग लिया। हाल ही में घोषित परिणाम में नेहा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में 421वीं रैंक और ST वर्ग में चौथा स्थान प्राप्त कर सफलता का नया अध्याय लिख दिया। इस उपलब्धि के साथ उनका चयन B.V.Sc & A.H. (बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंड्री) पाठ्यक्रम के लिए लगभग तय माना जा रहा है।

नेहा के पिता राजकिशोर गोंड एक किसान हैं, जबकि माता तारा देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बच्चों की शिक्षा में कभी कमी नहीं आने दी। नेहा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के त्याग, विश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है।
नेहा का परिवार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। उनके बड़े भाई आकाश गोंड ने JEE Mains क्वालीफाई किया है और वर्तमान में त्रिपुरा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं छोटे भाई रोहित अभी 12वीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। नेहा गोंड की सफलता आज उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो किसी असफलता या कठिन परिस्थिति के बाद निराश होकर अपने सपनों को छोड़ देते हैं। नेहा ने यह साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों तो असफलता भी सफलता की नई राह खोल देती है।

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