
पति ने चिकित्सकों पर समय से रेफर नहीं करने और इलाज से जुड़े दस्तावेज नहीं देने का लगाया आरोप, कसया थाने में तहरीर के बाद एसपी से एफआईआर दर्ज कराने की मांग


बैलिस्टर तिवारी/लोकायुक्त न्यूज
कुशीनगर। कसया नगर स्थित हंसराज मेमोरियल हॉस्पिटल में प्रसव के बाद 28 वर्षीय प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के पति ने अस्पताल के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने, हालत बिगड़ने के बावजूद समय से दूसरे अस्पताल के लिए रेफर नहीं करने तथा इलाज से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है। मामले में पति ने कसया थाने में तहरीर देने के बाद पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।बलिया जिले के धनपालिया गांव निवासी प्रमोद यादव की पत्नी अन्नू यादव गर्भवती थीं। प्रमोद यादव कुशीनगर के पर्यटन थाने में आरक्षी के पद पर तैनात बताए गए हैं। पति के अनुसार 22 अगस्त की शाम करीब तीन बजे प्रसव पीड़ा होने पर वह पत्नी को हंसराज मेमोरियल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सक डॉ. पिंकी सिंह की देखरेख में उपचार शुरू हुआ और शाम करीब 4:30 बजे प्रसव के बाद बच्ची का जन्म हुआ।तहरीर के अनुसार प्रसव के बाद रात करीब आठ बजे तक महिला की हालत सामान्य थी।
इसके बाद इंजेक्शन और दवाएं दिए जाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। पति का आरोप है कि बार-बार आग्रह करने के बावजूद चिकित्सकों ने समय रहते महिला को उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर नहीं किया। आरोप है कि रात करीब 11 बजे डॉ. पिंकी सिंह के पति डॉ. विवेक सिंह अस्पताल पहुंचे और रेफर करने की बात कहने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।शिकायतकर्ता के मुताबिक, रात करीब 1:30 बजे अस्पताल में ही अन्नू यादव की मौत हो गई। इसके बाद पत्नी को अस्पताल से बाहर ले जाने के दौरान मुख्य गेट पर रोकने का प्रयास किए जाने तथा एंबुलेंस चालक को बाहर कर देने का भी आरोप लगाया गया है। पति ने इलाज की हिस्ट्री और बीटीएच रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज मांगे, लेकिन उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है।प्रमोद यादव के अनुसार पत्नी की हालत गंभीर होने पर वह अपने भाई और एंबुलेंस चालक की मदद से उन्हें दूसरे अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बाद में सरकारी एंबुलेंस से उन्हें गोरखपुर एम्स की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पति ने नवजात बच्ची को अस्पताल में छोड़ दिए जाने का भी आरोप लगाया है।मामले को लेकर प्रमोद यादव ने कसया थाने में तहरीर देने के साथ पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
