

फर्जी इंद्राज हटाकर भूमि को सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराने की कार्रवाई तेज, जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण
बैलिस्टर तिवारी | लोकायुक्त न्यूज
कुशीनगर,जनपद में विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने हाटा तहसील के ग्राम पट्टन एवं ग्राम सोनबरसा में लगभग 100 एकड़ सरकारी भूमि चिन्हित की है। प्रशासन द्वारा भूमि पर दर्ज फर्जी इंद्राज हटाकर उसे पुनः सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में शासन की महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा सके।इसी क्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने शनिवार को ग्राम पट्टन स्थित गाटा संख्या-59मि एवं गाटा संख्या-8 (कुल लगभग 78 एकड़) तथा ग्राम सोनबरसा स्थित गाटा संख्या-156 (लगभग 21 एकड़) का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में की गई जांच में यह तथ्य सामने आया था कि ग्राम पट्टन की संबंधित भूमि का बड़ा हिस्सा वर्तमान में भूमिधरी के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जबकि वर्ष 1323 फसली बंदोबस्त के अभिलेखों में उक्त दोनों गाटे ‘धूस’ (सरकारी भूमि) के रूप में दर्ज थे। वहीं ग्राम सोनबरसा का गाटा संख्या-156 वर्तमान में खाली है तथा राजस्व अभिलेखों में धूस के नाम से दर्ज है। मामले में विस्तृत जांच के बाद फर्जी इंद्राज निरस्त कर भूमि को पुनः सरकारी भूमि के रूप में दर्ज कराने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान भूमि की वर्तमान स्थिति, ड्रोन सर्वे, सीमांकन, अभिलेखीय विवरण एवं उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अभिलेखों का गहन परीक्षण करते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाए, जिससे प्रस्तावित विकास परियोजनाओं के लिए भूमि शीघ्र उपलब्ध कराई जा सके।जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि यदि चिन्हित भूमि विकास परियोजनाओं के लिए उपयुक्त पाई जाती है तो इससे क्षेत्र में औद्योगिक, आधारभूत एवं सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और जनपद के समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी।निरीक्षण के दौरान राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
