
लोकायुक्त न्यूज़
नई दिल्ली। भारतीय रेल ने जून 2026 में माल ढुलाई और यात्री परिवहन दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है। रेलवे ने जून माह में 142.21 मिलियन टन माल ढुलाई की, जो पिछले वर्ष के इसी महीने के 136.71 मिलियन टन की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि से रेलवे को लगभग 430 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त हुआ।
रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार उर्वरकों की ढुलाई में 19.1 प्रतिशत, अन्य वस्तुओं में 17.3 प्रतिशत, लौह अयस्क में 9.4 प्रतिशत, क्लिंकर में 7.2 प्रतिशत तथा बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह देश के औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्रों में बढ़ती मांग का संकेत माना जा रहा है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में रेलवे ने 419.08 मिलियन टन माल का परिवहन किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 413.05 मिलियन टन से अधिक है। इससे स्पष्ट है कि रेलवे लगातार माल परिवहन क्षमता बढ़ाने में सफल रहा है।
यात्री सेवाओं के क्षेत्र में भी रेलवे का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा। जून 2026 में 63.81 करोड़ यात्रियों ने रेल यात्रा की, जबकि जून 2025 में यह संख्या 62.37 करोड़ थी। लंबी और मध्यम दूरी की यात्राओं में 3.9 प्रतिशत तथा उपनगरीय सेवाओं में 0.9 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
रेलवे ने आधुनिक यात्री सुविधाओं का विस्तार भी जारी रखा है। वर्तमान में देशभर में 164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिनमें हाल ही शुरू की गई हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर सेवा भी शामिल है। वहीं अमृत भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर 72 हो गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार माल ढुलाई और यात्री यातायात में लगातार वृद्धि भारतीय रेल की बेहतर परिचालन क्षमता, आधुनिक अवसंरचना और यात्री-केंद्रित सेवाओं का परिणाम है, जो देश के आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
