18 मार्च को प्रस्तावित नगर पालिका परिषद पडरौना की बैठक को शांतिपूर्ण व निष्पक्ष कराने के लिए वीडियोग्राफी कराने और सुरक्षा व्यवस्था की मांग!

लोकायुक्त न्यूज
कुशीनगर। जिले के नगर पालिका परिषद पडरौना की प्रस्तावित बोर्ड बैठक को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। नगर पालिका के सभासदों ने जिलाधिकारी कुशीनगर को पत्र भेजकर 18 मार्च 2026 को होने वाली बोर्ड बैठक को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की है। सभासदों ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में अनुरोध किया है कि बैठक में उपजिलाधिकारी पडरौना को पर्यवेक्षक के रूप में नामित किया जाए। साथ ही बैठक की पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी कराई जाए तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए।
पत्र में सभासदों ने उल्लेख किया है कि नगर पालिका परिषद पडरौना में उपसमितियों के गठन को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 86(2) के अंतर्गत उपसमितियों के गठन के लिए पहले भी बैठक बुलाने की मांग की गई थी, लेकिन समय पर बैठक न होने के कारण विवाद बढ़ता गया। सभासदों का आरोप है कि 28 फरवरी 2026 को नगर पालिका कार्यालय में आयोजित बैठक में भी अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी द्वारा बहुमत को नजरअंदाज करते हुए बैठक की कार्यवाही को लंबे समय तक लंबित रखा गया और अंत में बैठक की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इससे सभासदों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई। अब पुनः 18 मार्च 2026 को बोर्ड बैठक बुलाए जाने की सूचना जारी की गई है, जिसमें उपसमितियों के गठन सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा और निर्णय होना प्रस्तावित है। सभासदों ने आशंका जताई है कि पिछली परिस्थितियों को देखते हुए बैठक के दौरान अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसी को देखते हुए सभासदों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि बैठक को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक निगरानी में बैठक कराई जाए। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक की मौजूदगी, वीडियोग्राफी और पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था होने से बैठक शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकेगी। सभासदों द्वारा भेजे गए पत्र के साथ जिलाधिकारी के पूर्व आदेशों तथा बैठक से संबंधित एजेंडा की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं।
