
संतकबीरनगर। जनपद में किसानों को सिंचाई के बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लघु सिंचाई विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत पंपसेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन खलीलाबाद में किया गया। कार्यक्रम में मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी, धनघटा विधायक गणेश चौहान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख हैसरबाजार कालिंदी चौहान, किसान बंधु के अध्यक्ष उपेंद्र त्रिपाठी तथा मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने लाभार्थी किसानों को पंपसेट वितरित किए। इस दौरान उथले एवं मध्यम गहरे नलकूप तथा पंपसेट योजना के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अश्विनी कुमार शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जनपद में कुल 308 पंपसेट वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत फील्ड मार्शल 6.5 एचपी पंपसेट की आपूर्ति केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत मुख्यालय स्तर से कराई गई है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन एवं किसान अंश जमा करने की तिथि के आधार पर ‘प्रथम आवक-प्रथम पावक’ के सिद्धांत पर 238 किसानों को पंपसेट वितरित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सामान्य वर्ग के किसानों को अधिकतम 25,200 रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसानों को 32,400 रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में मध्यम गहरे नलकूप योजना के लाभार्थी प्रवीण त्रिपाठी तथा प्रगतिशील किसान उपेंद्र राय और सुरेंद्र राय ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पंपसेट और नलकूप की सुविधा मिलने से खेती करना आसान हुआ है। सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से सब्जी एवं अन्य नकदी फसलों की खेती में बढ़ोतरी हुई है, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
इस अवसर पर धनघटा विधायक गणेश चौहान ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों को सिंचाई सहित अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से किसान अपनी बोरिंग पर पंपसेट लगाकर अपनी इच्छानुसार फसलों का उत्पादन कर सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि पहले किसानों के पास सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होते थे और उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय पर फसलों की सिंचाई करना मुश्किल हो जाता था। सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना से किसानों को बड़ी राहत मिली है और अब वे समय पर सिंचाई कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने किसानों से अपील की कि पंपसेट से सिंचाई करते समय पानी का उपयोग आवश्यकता के अनुसार करें और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सरकार पहले बोरिंग पर अनुदान देकर किसानों को सुविधा प्रदान कर चुकी है और अब उन बोरिंगों पर पंपसेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जहां नहर, नाला या बिजली की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है। इससे किसानों की सिंचाई के लिए वर्षा और नहरों पर निर्भरता कम होगी।
कार्यक्रम के दौरान लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता, बोरिंग तकनीशियन तथा अन्य विभागीय कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
