







कुशीनगर। पड़रौना क्षेत्र के ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर निवासी अशोक कुमार शाहा ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हुए सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) पद पर चयनित होकर 40वीं रैंक हासिल की है। देर रात जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, पूरे गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। शुक्रवार को जैसे ही अशोक कुमार अपने गृह जनपद पहुंचे, जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया गया। गांव लक्ष्मीपुर पहुंचने पर चौराहे पर अखिल भारतीय आदिवासी गोंड समाज के जिला अध्यक्ष गोरख गोंड एवं जिला पंचायत सदस्य व भाजपा नेता मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में भव्य स्वागत समारोह आयोजित हुआ। इस दौरान ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से लादकर उनका अभिनंदन किया और ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी का इजहार किया। ग्रामीणों ने इस सफलता को गांव के इतिहास में एक स्वर्णिम क्षण बताया। अशोक कुमार (33 वर्ष), पुत्र अभिमन्यु गोंड, का जीवन संघर्ष, परिश्रम और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के बाबूराम इंटर कॉलेज, लक्ष्मीपुर से हुई। इसके बाद उन्होंने नोएडा से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के बाद उन्होंने दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। वर्ष 2019 में प्रयागराज आकर उन्होंने पूरी एकाग्रता और अनुशासन के साथ तैयारी जारी रखी। कई उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः अपनी मेहनत से सफलता हासिल की। अशोक कुमार के पिता अभिमन्यु गोंड ने परिवार के भरण-पोषण के लिए चंडीगढ़ में मजदूरी की। बाद में उन्होंने टाइल्स का ठेकेदारी कार्य शुरू किया और सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। अशोक चार बहनों में इकलौते भाई हैं। उनकी दो बहनों पूनम और अनुराधा की शादी हो चुकी है, जबकि निशा (बीकॉम) और पूजा (बीए) की पढ़ाई चंडीगढ़ में जारी है।
अपनी सफलता पर अशोक कुमार भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि उनके दादा स्वर्गीय धनुषधारी शाह का सपना था कि उनका नाती एक दिन अधिकारी बने। उन्होंने उसी सपने को लक्ष्य बनाकर निरंतर मेहनत की और आज वह सपना साकार हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनके दादा आज इस खुशी को देखने के लिए जीवित नहीं हैं। वहीं उनकी माता अनिता देवी ने बताया कि संघर्ष के दिनों में उन्हें कई बार समाज के ताने भी सुनने पड़े, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपने बेटे को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उस पर विश्वास बनाए रखा। ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने कहा कि यह पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण है। पहली बार किसी युवक ने अधिकारी पद हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अशोक कुमार की इस सफलता ने क्षेत्र के युवाओं में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और उम्मीद का संचार किया है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि कठिन परिस्थितियों में भी अगर लगन और मेहनत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
इस अवसर पर मुन्ना शाह, अनुराधा शाह, अखिल भारतीय आदिवासी गोंड महासंघ के गोरख प्रसाद गोंड, सीताराम, बेबी देवी, कुसुम कुमारी, मालती देवी, दिनेश कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और सभी ने अशोक कुमार को शुभकामनाएं दीं।
