
लोकायुक्त News
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका में आयोजित ‘One World, One Humanity’ कार्यक्रम में हिंदू-मुस्लिम एकता और मानवता को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रहेगा। भागवत के मुताबिक हिंदू दृष्टिकोण में सभी रास्ते एक ही सत्य या मंजिल की ओर ले जाते हैं और हर इंसान की गरिमा समान है।
भागवत ने कहा कि धर्मों की पहचान अलग-अलग परंपराओं और रीति-रिवाजों से हो सकती है, लेकिन मानवता एक है। उन्होंने विविधता को स्वीकार करने, उसका सम्मान करने और उसे सुरक्षित रखने पर जोर दिया। उनके अनुसार भारत की परंपरा अलग-अलग आस्थाओं के बावजूद मानव एकता में विश्वास करती है।
कार्यक्रम में भागवत ने राजनीति को स्वार्थ से जोड़ते हुए कहा कि सामाजिक बदलाव की शुरुआत समाज के भीतर से होनी चाहिए। उन्होंने विभिन्न समुदायों के बीच लगातार संवाद और आपसी समझ को जरूरी बताया।
स्रोत: The Indian Express, Times of India, India Today एवं New Indian Express की रिपोर्टों पर आधारित।
