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कुशीनगर में STF की बड़ी रेड, अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 10 अभियुक्त गिरफ्तार

लोकायुक्त न्यूज

कुशीनगर। जनपद कुशीनगर में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आठ पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। यह गिरोह नेपाल के नागरिकों को नौकरी, पढ़ाई और नेटवर्क मार्केटिंग के माध्यम से अधिक कमाई का लालच देकर भारत बुलाता था और उनसे विभिन्न मदों में धन वसूलकर आर्थिक ठगी करता था। पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, नकदी, आभूषण, लैपटॉप तथा अन्य सामग्री बरामद की गई है। साथ ही गिरोह के चंगुल में फंसे 453 नेपाली नागरिकों को सकुशल उनके देश वापस भेजा गया है।

पुलिस अधीक्षक कुशीनगर केशव कुमार के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान थाना कसया क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से यह सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग नेपाल के नागरिकों को बेहतर रोजगार, उच्च शिक्षा और नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए अच्छी आय का झांसा देकर कुशीनगर बुला रहे हैं। यहां आने के बाद उनसे पंजीकरण, प्रशिक्षण, दस्तावेज और अन्य खर्चों के नाम पर बड़ी रकम वसूली जाती थी। जब पीड़ितों को ठगी का एहसास होता था तो उन्हें वापस नेपाल भेज दिया जाता था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने थाना कसया में मुकदमा दर्ज कर जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया।

जांच के दौरान थाना कसया पुलिस, सर्विलांस सेल, स्वाट टीम कुशीनगर तथा एसटीएफ गोरखपुर यूनिट ने संयुक्त रूप से कई स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में नेपाल के विभिन्न जिलों के निवासी दीपक थापा, ओम प्रकाश चौलागाई, नीमा शेरपा, गनेश खत्री, सोजन्य संतन, ज्ञानेन्द्र यादव, विशाल तामंग तथा कुशीनगर निवासी सर्वेश प्रताप राव सहित दो महिला अभियुक्ताएं शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्य हैं और लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं। गिरोह नेपाल के ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाता था। उन्हें नौकरी, पढ़ाई और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर भारत बुलाया जाता था। यहां पहले से तैयार फर्जी आधार कार्ड और बॉन्ड पेपर दिखाकर उन्हें भरोसे में लिया जाता था। इसके बाद उनसे अलग-अलग मदों में धनराशि जमा कराई जाती थी। गिरोह द्वारा ठगी से प्राप्त रकम को सभी सदस्य आपस में बांट लेते थे और उसी से अपना जीवनयापन करते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने नौ कूटरचित आधार कार्ड, 60 बॉन्ड पेपर, एक लैपटॉप, भारतीय और नेपाली मुद्रा, कई अंगूठियां तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद नकदी में 60 हजार 320 रुपये भारतीय मुद्रा और 14 हजार 290 रुपये नेपाली मुद्रा शामिल है। इसके अलावा जॉर्डन देश की एक दीनार मुद्रा भी बरामद हुई है। पुलिस को कुछ हस्तलिखित दस्तावेज और डायग्राम भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कुल 453 नेपाली नागरिकों को इस गिरोह के प्रभाव से मुक्त कराकर सुरक्षित उनके देश नेपाल भेजा गया। सभी पीड़ितों से आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है ताकि ठगी की पूरी रकम और गिरोह के नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार नेपाल सहित अन्य स्थानों तक फैले हो सकते हैं। इस संबंध में थाना कसया में मुकदमा अपराध संख्या 319/2026 पंजीकृत कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित इस ठगी नेटवर्क के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक आशुतोष सिंह थाना कसया, उपनिरीक्षक स्वतन्त्र देव सिंह प्रभारी स्वाट टीम कुशीनगर, उपनिरीक्षक यशवन्त सिंह एसटीएफ गोरखपुर यूनिट, उपनिरीक्षक विनायक सिंह एसटीएफ गोरखपुर यूनिट, उपनिरीक्षक शनि दुबे प्रभारी सर्विलांस सेल कुशीनगर, उपनिरीक्षक राहुल कुमार सिंह, उपनिरीक्षक रुद्रप्रताप सिंह तथा हेड कांस्टेबल मनोज कुमार सहित थाना कसया, स्वाट, सर्विलांस और एसटीएफ की संयुक्त टीम शामिल रही।

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