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Ramadan 2026: रमज़ान से पहले खजूर के दामों में भारी उछाल, 150 से 1500 रुपये किलो तक पहुंचे रेट

लोकायुक्त न्यूज़

गाजियाबादः रमज़ान शुरू होने में अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन बाजारों में खजूर की रौनक बढ़ गई है। रोज़ा खोलने में खजूर की धार्मिक और पारंपरिक अहमियत के चलते इसकी खरीदारी तेज हो गई है। मांग बढ़ने और सप्लाई सीमित रहने के कारण इस बार खजूर की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी जा रही है।

साहिबाबाद मंडी में खरीदारों की भीड़
साहिबाबाद मंडी में इन दिनों खजूर की खरीदारी को लेकर खासा उत्साह है। व्यापारियों के मुताबिक बाजार में 50 से अधिक किस्मों की खजूर उपलब्ध हैं, जिनमें देशी और आयातित दोनों वैरायटी शामिल हैं। हालांकि, कुछ लोकप्रिय और प्रीमियम किस्मों की सप्लाई सीमित होने से उनके दाम तेजी से बढ़े हैं।

150 से 1500 रुपये किलो तक पहुंची कीमत
मंडी में खजूर की कीमतें 150 रुपये प्रति किलो से शुरू होकर 1500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी हैं। सामान्य गुणवत्ता वाली खजूर 150 से 300 रुपये प्रति किलो बिक रही हैं, जबकि प्रीमियम और आयातित खजूर 800 से 1500 रुपये प्रति किलो के बीच उपलब्ध हैं। इस बार ग्राहकों का रुझान पैक्ड और उच्च गुणवत्ता वाली खजूर की ओर ज्यादा देखा जा रहा है।

खाड़ी देशों से होता है आयात
भारत में खजूर का आयात मुख्य रूप से सऊदी अरब, ईरान, इराक, ओमान और ट्यूनीशिया से किया जाता है। इन देशों से आने वाली खजूर स्वाद, आकार और गुणवत्ता के आधार पर अलग-अलग दामों में बिकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, बढ़ी हुई परिवहन लागत और आयात में देरी का असर स्थानीय कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।

सप्लाई प्रभावित, थोक बाजार में कमी
व्यापारियों के अनुसार कुछ निर्यातक देशों में उत्पादन कम रहा है। साथ ही समुद्री माल ढुलाई में देरी और लॉजिस्टिक लागत बढ़ने से पर्याप्त माल समय पर नहीं पहुंच पाया। इसका असर यह हुआ कि थोक बाजार में उपलब्धता सीमित है, जबकि खुदरा स्तर पर मांग लगातार बढ़ रही है।

गिफ्ट पैक और कॉरपोरेट डिमांड में इजाफा
खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि रमज़ान से पहले के दो सप्ताह सबसे ज्यादा व्यस्त रहते हैं। कई ग्राहक पूरे महीने की खजूर एक साथ खरीद लेते हैं। इसके अलावा गिफ्ट पैक और विशेष पैकिंग वाली खजूर की मांग भी बढ़ी है, खासकर कॉरपोरेट और सामाजिक आयोजनों के लिए।

कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका
व्यापार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि सप्लाई की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो रमज़ान के दौरान कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, नई खेप समय पर बाजार में पहुंचने पर दामों में कुछ स्थिरता आ सकती है। फिलहाल बाजार में खरीदारी तेज है और बढ़ती कीमतों के बावजूद रमज़ान की तैयारियों में मांग कम होती नजर नहीं आ रही है।

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