लोकायुक्त न्यूज़
अमेरिका-इजरायल-ईरान तनाव में तेज़ बढ़ोतरी के बीच दुबई की पहचान और दुनिया की सबसे ऊंची इमारत Burj Khalifa को एहतियातन पूरी तरह खाली करा लिया गया। 828 मीटर ऊंची यह इमारत, जो लक्ज़री और इंजीनियरिंग श्रेष्ठता का वैश्विक प्रतीक मानी जाती है, दुबई और अबू धाबी में सुनी गई जोरदार धमाकों की आवाज़ों के बाद सुरक्षा कारणों से खाली कराई गई। ये घटनाक्रम ईरान द्वारा क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमलों के बाद सामने आया। हमले, अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ती शत्रुता के बीच कथित जवाबी कार्रवाई का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
UAE ने सक्रिय किया एयर डिफेंस
संयुक्त अरब अमीरात (UAE ) ने तुरंत अपने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए। कई मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट किया गया। आसमान में तेज रोशनी और विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों ने प्रमुख इमारतों और सार्वजनिक स्थलों को खाली करा लिया है।हालांकि, आधिकारिक तौर पर किसी बड़े नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं हुई है। ईरान के हालिया हमले अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते टकराव की कड़ी माने जा रहे हैं। खाड़ी क्षेत्र में पहले ही सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हवाई निगरानी और मिसाइल डिफेंस सिस्टम हाई अलर्ट पर हैं। नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दुबई में दहशत का माहौल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाकों के बाद कई इलाकों में अफरातफरी मच गई। ट्रैफिक जाम और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही बढ़ गई। सोशल मीडिया पर इंटरसेप्शन के वीडियो वायरल हो रहे हैं।बुर्ज खलीफा जैसे वैश्विक प्रतीक को खाली कराना इस बात का संकेत है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी जोखिम को हल्के में नहीं ले रहीं।विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिसाइल हमले जारी रहे, तो खाड़ी देशों की सीधी सैन्य भागीदारी की आशंका भी बढ़ सकती है। मध्य पूर्व इस समय अत्यधिक संवेदनशील दौर से गुजर रहा है, जहां एक छोटी चिंगारी भी बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकती है।
