
ट्विंकल ने कहा – अगर कोई इतिहास की किताबों से मुगलों के दौर को मिटाना चाहता है, तो उसे कोफ्ते, कोरमा और कबाब जैसे व्यंजनों से भी दूरी बनानी पड़ेगी।
लोकायुक्त News
मुंबई। महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे की कार्रवाई इन दिनों चर्चा में है। इसी बीच लेखिका और कॉलमिस्ट ट्विंकल खन्ना ने अपने चर्चित ‘Mrs Funnybones’ कॉलम में इस अभियान पर अपने खास व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रतिक्रिया दी है।
ट्विंकल खन्ना ने लिखा कि तुकाराम मुंडे से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी रसोई में भी एक तरह की ‘छापेमारी’ की। इस दौरान उन्हें ‘शाही मसाला’ का एक पुराना पैकेट मिला, जिसकी एक्सपायरी डेट को उन्होंने मजाकिया अंदाज में “मुगल साम्राज्य के समय” की बताया।
उन्होंने इसी बहाने इतिहास और खान-पान को लेकर चल रही बहस पर भी कटाक्ष किया। ट्विंकल के मुताबिक, अगर कोई इतिहास की किताबों से मुगलों के दौर को मिटाना चाहता है, तो उसे कोफ्ते, कोरमा और कबाब जैसे व्यंजनों से भी दूरी बनानी पड़ेगी।
उनकी यह टिप्पणी खाद्य सुरक्षा अभियान को लेकर चल रही चर्चा को हल्के-फुल्के और व्यंग्यात्मक अंदाज में पेश करती है। सोशल मीडिया पर ट्विंकल खन्ना के इस अंदाज की चर्चा हो रही है और उनकी टिप्पणी को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हालांकि, उनका पूरा बयान मूल रूप से व्यंग्य और हास्य के संदर्भ में है, जिसे उसी संदर्भ में समझना जरूरी है।
