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मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच भारत के पूर्व खुफिया अधिकारी लक्ष्मण सिंह बिष्ट( Laxman Singh Bisht), जिन्हें लकी बिष्ट के नाम से जाना जाता है, ने एक वीडियो जारी कर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा Iran, Israel और United States के बीच चल रहे टकराव में केवल सैन्य शक्ति ही नहीं, बल्कि खुफिया एजेंसियों का भी बड़ा खेल चल रहा है।
रान को कैसे मिल रही इतनी संवेदनशील जानकारी?
लकी बिष्ट के अनुसार कुछ घटनाएं यह संकेत देती हैं कि ईरान के पास बेहद संवेदनशील सैन्य जानकारी मौजूद है। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिका के Command Post की लोकेशन ईरान को कैसे पता चल रही है?
Military Staging Areas यानी सैन्य तैयारी के ठिकानों की जानकारी उसे कैसे मिल रही है?
यहां तक कि कथित तौर पर दुबई के एक होटल से चल रहे मोसाद कमांड बेस की जानकारी भी सामने आ रही है।
उनके अनुसार इतनी सटीक जानकारी बिना किसी बड़े खुफिया नेटवर्क के संभव नहीं होती।
लकी बिष्ट ने अपने वीडियो में कहा कि मौजूदा हालात बताते हैं कि मिडिल ईस्ट में सिर्फ खुला युद्ध ही नहीं बल्कि छिपा हुआ खुफिया युद्ध भी चल रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि संभव है कि किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय खुफिया शक्ति का समर्थन ईरान को मिल रहा हो।फिलहाल Iran, Israel और United States के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्धों में केवल सेना ही नहीं बल्कि खुफिया एजेंसियां भी बेहद अहम भूमिका निभाती हैं। इन एजेंसियों के जरिए दुश्मन की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। साइबर और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की जाती है और कई बार गुप्त ऑपरेशन भी चलाए जाते हैं। लकी बिष्ट के बयान ने मिडिल ईस्ट युद्ध को लेकर एक नया सवाल खड़ा कर दिया है क्या इस संघर्ष के पीछे कोई बड़ा खुफिया गठजोड़ काम कर रहा है?
