
संत कबीर नगर, 02 मार्च 2026। आगामी होली और रमजान माह को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने तहसील मेहदावल क्षेत्र के ग्राम मुसहरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था की जमीनी समीक्षा की।
बैठक केवल औपचारिक संवाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रशासनिक टीम ने होलिका दहन स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का भी जायजा लिया। यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि प्रशासन त्योहारों को लेकर पहले से ही सक्रिय रणनीति के तहत काम कर रहा है, ताकि किसी भी संभावित विवाद या अफवाह को समय रहते रोका जा सके।
परंपरा से न भटके त्योहार
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि होली और रमजान जैसे संवेदनशील अवसरों पर किसी भी नई परंपरा या व्यवस्था की शुरुआत न की जाए। त्योहारों को परंपरागत ढंग से, आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाने पर विशेष जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही ग्रामीणों से सहयोग की अपेक्षा भी जताई, ताकि प्रशासन और जनता के बीच तालमेल बना रहे।
बैठक में उभरे शिक्षा के गंभीर सवाल
शांति बैठक के दौरान ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय मुसहरा की स्थिति पर चिंता जताई। लगभग 250 बच्चों के सापेक्ष मात्र एक शिक्षक और एक शिक्षामित्र की तैनाती होने की बात सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने शिक्षकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए।
यह तथ्य ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की जमीनी चुनौतियों को उजागर करता है। एक ओर सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक संख्या की कमी बुनियादी समस्या के रूप में सामने आ रही है।
ग्राम सचिव की अनुपस्थिति पर नाराज़गी
ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की कि नियुक्त ग्राम सचिव नियमित रूप से गांव नहीं आते, जिससे विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बाधा उत्पन्न होती है। जिलाधिकारी ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारी को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
यह मुद्दा पंचायत स्तर पर जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करता है। यदि ग्राम सचिव ही नियमित रूप से उपस्थित नहीं होंगे, तो सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
आंगनबाड़ी और मिड-डे-मील पर संतोष
हालांकि ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन तथा विद्यालय में मिड-डे-मील की गुणवत्ता और नियमितता को संतोषजनक बताया। यह सकारात्मक पहलू दर्शाता है कि कुछ बुनियादी व्यवस्थाएं सही दिशा में काम कर रही हैं।
प्रशासन की दोहरी रणनीति
यह बैठक केवल कानून-व्यवस्था की समीक्षा नहीं थी, बल्कि प्रशासन की “दोहरी रणनीति” का हिस्सा दिखी—एक ओर त्योहारों को लेकर सतर्कता, दूसरी ओर विकास व शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर त्वरित संज्ञान।
उप जिलाधिकारी मेहदावल संजीव राय, क्षेत्राधिकारी मेहदावल सर्वदमन सिंह, तहसीलदार अल्पिका वर्मा सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय नागरिक इस अवसर पर उपस्थित रहे।
त्योहारों से पहले इस तरह की जमीनी पहल यह संकेत देती है कि प्रशासन संभावित संवेदनशीलता को समझते हुए संवाद और निगरानी दोनों पर समान बल दे रहा है। अब देखना होगा कि दिए गए निर्देशों का पालन कितनी तेजी और प्रभावशीलता से होता है।


