
लोकायुक्त न्यूज़
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में सोन नदी क्षेत्र में अवैध बालू खनन का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। ओबरा तहसील के अघोरी खास मौजा स्थित आराजी नंबर 824 खंड-2 में खनन पट्टे की आड़ में नियमों की खुली अनदेखी की जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़े पैमाने पर भारी मशीनों और प्लॉट मशीन के जरिए नदी के भीतर से 3 मीटर से अधिक गहराई तक बालू निकाली जा रही है।
गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की गाइडलाइन के अनुसार 3 मीटर से अधिक गहराई में खनन प्रतिबंधित है तथा मशीनों के बजाय स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। लेकिन मौके पर इन निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नदी के जलधार में मशीनों से खनन के कारण जलीय जीव-जंतुओं का अस्तित्व संकट में पड़ गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे, जिससे खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर पौराणिक सोन नदी को बचाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वरिष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप ने मामले की जांच कराकर अवैध खनन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


