
।। लोकायुक्त NEWS ।।
उत्तर प्रदेश में कुशीनगर जनपद के नगर पालिका परिषद पडरौना में नए समिति गठन को लेकर बुलाई गई अधियाचन बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। छह माह से चल रही लेटरबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच जिलाधिकारी के निर्देश पर 28 फरवरी 2026 को बोर्ड बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर, एसडीएम न्यायिक और पर्यवेक्षक मु. जफर की मौजूदगी में कार्यवाही शुरू हुई।
करीब चार घंटे तक चली बहस के बाद भी अध्यक्ष और सभासदों के बीच सहमति नहीं बन सकी। सभासदों का आरोप है कि उनके वार्डों में विकास कार्य ठप हैं और वे क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा चाहते थे, जबकि अध्यक्ष ने इसे मानने से इंकार कर दिया। असहमति बढ़ने पर पर्यवेक्षक बैठक छोड़कर चले गए, जिसके बाद माहौल और गरमा गया।
नाराज सभासदों ने नगर पालिका गेट पर देर रात धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर कोतवाली पुलिस और सीओ सदर तैनात रहे। सभासदों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष ने प्रशासन के सामने उन्हें अपमानित किया और उकसावे वाली भाषा का इस्तेमाल किया।
नगर में कुल 25 वार्ड हैं, जिनमें से 21 सभासद अध्यक्ष के खिलाफ बताए जा रहे हैं। बागी सभासद अलग समिति गठन की मांग पर अड़े हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब बहुमत स्पष्ट है तो नई समिति के गठन पर निर्णय क्यों नहीं हो पा रहा।
बाइट: सोनू राज कुशवाहा, सभासद
बाइट: श्याम शाहा, सभासद
