संतकबीरनगर । जनपद में प्रशासनिक कार्यों की पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आलोक कुमार ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के उपरांत तहसील धनघटा कार्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तहसील के सभी पटलों और अनुभागों का बारीकी से जायजा लेते हुए अभिलेखों के रखरखाव, पत्रावलियों के निस्तारण और कार्यालय व्यवस्था की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न पटलों पर रखी पत्रावलियों के सुव्यवस्थित रखरखाव का अवलोकन किया और संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का नियमानुसार एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पटल पर कोई भी पत्रावली या प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। पत्रावलियों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में साफ-सफाई की स्थिति का भी जायजा लिया तथा कार्यालयों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में अभिलेखों और पत्रावलियों को व्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आसानी से उपलब्ध कराया जा सके।
इस दौरान जिलाधिकारी ने सभी कक्षों में चल रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति, प्रगति और गुणवत्ता की भी समीक्षा की। उन्होंने तहसील के राजस्व न्यायालय से संबंधित अभिलेखों, पत्रावलियों और रजिस्टरों की जांच करते हुए उन्हें नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए, जिससे राजस्व मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता और गति बनी रहे।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी धनघटा डॉ. सुनील कुमार, नायब तहसीलदार हरे राम सहित तहसील के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के निरीक्षण से तहसील प्रशासन में कार्य व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में सक्रियता देखने को मिली।
धनघटा तहसील का डीएम आलोक कुमार ने किया निरीक्षण, लंबित पत्रावलियों के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
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