लोकायुक्त न्यूज
कुशीनगर। पडरौना तहसील क्षेत्र के ग्राम जंगल विशुनपुरा निवासी दिव्यांग सतेंद्र कुमार पिछले चार वर्षों से दिव्यांग पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों और बैंक के चक्कर काटने को मजबूर हैं। सोमवार को वह ट्राई साइकिल से करीब सात किलोमीटर चलकर जिला मुख्यालय पहुंचे और जनता दर्शन में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अपनी पीड़ा सुनाई।
सतेंद्र कुमार ने बताया कि वह दिव्यांग हैं और पहले उन्हें दिव्यांग पेंशन मिलती थी, लेकिन करीब चार वर्ष से पेंशन बंद हो गई है। पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए उन्होंने बैंक में केवाईसी समेत सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं, इसके बावजूद अब तक पेंशन बहाल नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि वह अपने घर से लगभग सात किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय तक ट्राई साइकिल से पहुंचते हैं और संबंधित दफ्तरों के चक्कर लगाते हैं। कभी बैंक तो कभी अन्य औपचारिकताओं का हवाला देकर उन्हें इधर-उधर भेज दिया जाता है। हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।
सतेंद्र तीन भाइयों के परिवार में मां-बाप के साथ अलग रहते हैं। उनकी शादी नहीं हुई है, इसलिए उन्होंने अपनी भतीजी को गोद लेकर उसकी पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाई है। पहले मिलने वाली पेंशन से घर के खर्च और बच्ची की पढ़ाई में काफी मदद मिलती थी, लेकिन पेंशन बंद होने से उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। सतेंद्र जीविका के लिए नदी में मछली पकड़कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से दिव्यांग पेंशन दोबारा शुरू कराने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।



