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कुशीनगर। जनपद में तैनात जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (डीएमओ) भरत लाल का अनुसूचित जनजाति (एसटी) जाति प्रमाण पत्र जांच में निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई वाराणसी के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जनपद स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने की। मामला राजातालाब तहसील के कोइली (लच्छीमपुर) गांव से जुड़ा है, जहां वर्ष 2021 में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2015 में गोंड (एसटी) प्रमाण पत्र के आधार पर लाभ लिया गया, जबकि संबंधित जाति ओबीसी वर्ग में आती है।
जांच में अभिलेख व वंशावली रिकॉर्ड का परीक्षण कर प्रमाण पत्र निरस्त करने का आदेश जारी हुआ। हालांकि डीएमओ का कहना है कि पूर्व में जिला स्क्रूटनी समिति दो बार उनके पक्ष में निर्णय दे चुकी है और 2014 में पीसीएस चयन के दौरान भी सत्यापन हुआ था। उन्होंने मंडलीय फोरम में अपील दायर कर दी है।



