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मिडल ईस्ट व पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने भारत की संभावित कूटनीतिक भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत स्थित प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते तेल और गैस की आपूर्ति मिलती रहेगी, लेकिन इस संकट का असली समाधान युद्ध को खत्म करने में है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कुछ चर्चाएं हुई हैं और उन्हें भरोसा है कि भारत को तेल, गैस और अन्य ऊर्जा संसाधनों का लाभ मिलता रहेगा। इलाही के मुताबिक, भारत जैसे बड़े देश को वैश्विक नेताओं के साथ मिलकर युद्ध रोकने के प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्यस्थता करके जंग रुकवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू को मनाने की क्षमता है। इलाही ने कहा कि भारतीय PM के साथ दुनिया के नेताओं को एकजुट होकर अमेरिका जाना चाहिए और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समझाना चाहिए कि यह युद्ध निर्दोष नागरिकों के खिलाफ अन्यायपूर्ण है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल पर भी युद्ध रोकने के लिए दबाव डाला जाना चाहिए। ईरानी प्रतिनिधि ने अपने बयान में कहा कि ईरान ने इस युद्ध की शुरुआत नहीं की। उनके शब्दों में,“हमने यह युद्ध नहीं बनाया, हमने इसे शुरू नहीं किया। लेकिन हम अपनी गरिमा नहीं बेचेंगे। जरूरत पड़ी तो हम अपनी जमीन पर अपना खून बहाने के लिए तैयार हैं।
