
लोकायुक्त NEWS
अजमेर। राजस्थान के पवित्र तीर्थ स्थल Ajmer Sharif Dargah पर सोमवार को महारिषि भृगु पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर Sushil Goswami ने ज़ियारत कर विश्व शांति, आपसी सद्भाव और मानवता की भलाई के लिए विशेष दुआ की।
दरगाह में उनका स्वागत Haji Syed Salman Chishti (गद्दीनशीन, अजमेर शरीफ) और ख़ुद्दाम-ए-ख़्वाजा समुदाय के सदस्यों ने गर्मजोशी के साथ किया। इस दौरान दोनों आध्यात्मिक नेताओं ने पवित्र मज़ार पर चादर और अकीदत के फूल पेश किए तथा दुनिया में बढ़ते तनाव, युद्ध और हिंसा के माहौल को देखते हुए निर्दोष लोगों की सुरक्षा और वैश्विक शांति की दुआ मांगी।
इस अवसर पर श्री सुशील गोस्वामी ने कहा कि Khwaja Moinuddin Chishti (गरीब नवाज़) की दरगाह भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के आदर्श के साथ पूरी दुनिया को मानवता और करुणा का संदेश देता रहा है।
वहीं हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने कहा कि चिश्ती सूफी परंपरा का मूल संदेश इंसानियत, प्रेम और सेवा है। आज जब दुनिया संघर्ष और हिंसा से जूझ रही है, तब आध्यात्मिक नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे समाज को करुणा, न्याय और संवाद के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि अजमेर शरीफ सदियों से विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के बीच भाईचारे और आध्यात्मिक एकता का केंद्र रहा है, जहां हर धर्म के लोग मानवता की भलाई के लिए दुआ करने आते हैं।
